लखनऊ। NEET-UG पेपर लीक और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को राजधानी लखनऊ में छात्रों और विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षा बचाओ-कलम, किताब और कैंपस बचाओ अभियान के तहत लखनऊ विश्वविद्यालय से शहीद स्मारक तक निकाले गए छात्र मार्च को पुलिस ने परिवर्तन चौक पर रोक दिया। इसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया गया।
प्रदर्शनकारी छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NTA को भंग करने, फीस वृद्धि पर रोक, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, शिक्षा के निजीकरण पर रोक और निष्कासित छात्रों को न्याय देने की मांग कर रहे थे। छात्रों ने हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर शिक्षा को सभी के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने की मांग दोहराई।
छात्र नेता महेंद्र यादव ने कहा कि यदि शिक्षा महंगी और छात्रों की पहुंच से बाहर होती गई तो देश का भविष्य प्रभावित होगा। प्रदर्शन में अनिल यादव, सुधांशु बाजपेई, कांची सिंह, सविता गौतम और शुभम खरवार सहित कई छात्र नेता मौजूद रहे।
वहीं, आइसा (AISA) ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को भंग करने की मांग को लेकर प्रतिवाद मार्च निकाला। जीपीओ पार्क में धरने पर बैठे छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विभिन्न छात्र मुद्दों को उठाया।
इधर, NEET पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी विधानसभा घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाकर हिरासत में लिया और ईको गार्डन भेज दिया।
इस पूरे घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष अपना अस्तित्व खो चुका है और राष्ट्र विरोधी ताकतों के सहारे राजनीति कर रहा है।
