नई दिल्ली। महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात देश को संबोधित करेंगे। उनका यह संबोधन रात 8:30 बजे प्रस्तावित है, जिसमें माना जा रहा है कि वे विधेयक की आवश्यकता और उसके महत्व को देशवासियों के सामने विस्तार से रख सकते हैं।
संसद में बिल के गिरने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। सत्ता पक्ष की ओर से भाजपा और एनडीए के अन्य घटक दल विपक्षी पार्टियों—कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और डीएमके—पर तीखे हमले कर रहे हैं। उन्हें महिला आरक्षण के मुद्दे पर “महिला विरोधी” करार दिया जा रहा है। वहीं विपक्ष सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को भुनाने का आरोप लगा रहा है।
लोकसभा में मतदान से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी सांसदों से भावनात्मक अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सांसद अपने घर की “मां, बहन, बेटी और पत्नी” को याद कर अंतरात्मा की आवाज़ सुनें और इस ऐतिहासिक अवसर पर महिला सशक्तिकरण के पक्ष में खड़े हों। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित होता, तो देश की नारीशक्ति और लोकतंत्र दोनों और मजबूत होते।
हालांकि, आवश्यक दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। अब प्रधानमंत्री के संबोधन पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां वे विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के साथ-साथ महिला आरक्षण की आवश्यकता पर सरकार का पक्ष स्पष्ट कर सकते हैं।
