गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उत्तर प्रदेश के भविष्य के विकास मॉडल की झलक देखी। कार्यक्रम स्थल पर UPDA द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उन्होंने प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक संभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत के समन्वय की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने स्वयं प्रधानमंत्री को राज्य में बन रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क, उनकी रणनीतिक उपयोगिता और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। प्रधानमंत्री ने इस व्यापक नेटवर्क को ‘नए उत्तर प्रदेश’ की मजबूत आधारशिला बताते हुए इसकी सराहना की।
प्रदर्शनी में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया, इससे जुड़े 12 जिलों और कनेक्टिविटी के प्रभाव को विस्तार से दर्शाया गया। साथ ही एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जाने वाले औद्योगिक गलियारों और लॉजिस्टिक्स हब की योजनाएं भी प्रस्तुत की गईं, जिनसे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
प्रदर्शनी में केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। प्रयागराज महाकुंभ संगम, महात्मा बुद्ध की प्रतिमा, आर्ट गैलरी और विभिन्न मंदिरों की झांकियों ने प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
इस मौके पर यह स्पष्ट हुआ कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के आर्थिक परिवर्तन और संतुलित क्षेत्रीय विकास का मजबूत माध्यम बनने जा रहा है।
