गोरखपुर, 16 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद पुलिस विभाग में समय पर भर्ती, प्रशिक्षण और अवस्थापना सुविधाओं के विकास से कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में बेहतर सुरक्षा वातावरण बना है और सुशासन का सशक्त मॉडल स्थापित हुआ है।

सीएम योगी गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए निर्मित दो आधुनिक सुरक्षा भवनों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इन भवनों में अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम तथा मेंटिनेंस वर्कशॉप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
इनके निर्माण पर 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर इन सुविधाओं का निरीक्षण भी किया।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा, सुशासन की पहली शर्त है और हर नागरिक को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले पुलिस भर्ती, प्रशिक्षण और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जाती थी, जिसके कारण युवाओं का रुझान पुलिस सेवा की ओर कम था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है। जहां 2017 में एक समय में केवल 3 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, वहीं अब यह बढ़कर 60 हजार तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि समय पर लिए गए निर्णयों और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से पुलिस को पहले की तुलना में कई गुना अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले पुलिसकर्मियों के लिए पर्याप्त आवासीय सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन अब हर पुलिस लाइन में बेहतर बैरक और आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनकी जीवनशैली और कार्यक्षमता में सुधार हुआ है।

सीएम योगी ने कहा कि अब थानों में अपराधियों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था है और सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हो चुकी है।
उन्होंने सख्त संदेश देते हुए कहा कि सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
