उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश के रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद Rajnath Singh की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। श्रीराम कथा कार्यक्रम से लौटते समय उनका काफिला निर्धारित रूट से भटक गया, जिससे पुलिस और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाद में सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय पुलिस की मदद से काफिले को सुरक्षित मार्ग पर वापस लाया गया।
जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्री श्रीराम कथा कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे। इस दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर काफिले को फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरना था, लेकिन रूट समन्वय में हुई चूक के चलते काफिला फ्लाईओवर पर चढ़ने के बजाय नीचे की सड़क पर आगे बढ़ गया।
फ्लाईओवर के नीचे का रास्ता पकड़ने के बाद काफिला सीधे टेढ़ी पुलिया चौराहे पर पहुंच गया। चूंकि वीवीआईपी मूवमेंट के लिए सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित रूट के अनुसार की गई थी, इसलिए टेढ़ी पुलिया चौराहे पर न तो अतिरिक्त पुलिस बल तैनात था और न ही विशेष बैरिकेडिंग की गई थी। अचानक रक्षा मंत्री के काफिले के पहुंचने से वहां मौजूद लोग और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
जैसे ही वायरलेस सेट पर सूचना प्रसारित हुई कि रक्षा मंत्री का काफिला तय मार्ग से हटकर टेढ़ी पुलिया चौराहे पर पहुंच गया है, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और चौराहे पर मौजूद अवरोधकों को हटाकर काफिले को यू-टर्न दिलाया। इसके बाद काफिले को दोबारा फ्लाईओवर के निर्धारित मार्ग पर ले जाया गया और वह सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गया।
इस घटना ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था और रूट प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों से पहले रूट का निरीक्षण, रिहर्सल और सुरक्षा समीक्षा की जाती है। इसके बावजूद हुई इस चूक की जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, रूट प्रबंधन और सुरक्षा समन्वय में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
