डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (17 मई 2026) के अवसर पर 16 मई को शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र, उजरियाव, लखनऊ में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के कारणों, लक्षणों, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. एस. डी. कंडपाल के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि गलत खानपान, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता और धूम्रपान उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने समय पर जांच, संतुलित जीवनशैली और नियमित उपचार को बेहद जरूरी बताया।
शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र की प्रभारी डॉ. रश्मि कुमारी ने कहा कि पीएचसी स्तर पर रक्तचाप जांच की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है और लोगों को नियमित जांच करानी चाहिए।
उन्होंने सलाह दी कि उच्च रक्तचाप के मरीज दवाएं बीच में बंद न करें तथा नमक, तेल और वसायुक्त भोजन का सेवन कम करें। साथ ही तनाव प्रबंधन, पर्याप्त नींद और रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर दिया।
पीएचसी प्रभारी डॉ. पद्मजा ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ते उच्च रक्तचाप के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि परिवार में किसी एक सदस्य को उच्च रक्तचाप है तो अन्य सदस्यों की भी नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि पीएचसी उजरियाव में आयुष्मान भारत योजना के तहत उच्च रक्तचाप की जांच और दवाएं उपलब्ध हैं।

RMLIMS के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने उच्च रक्तचाप को “साइलेंट किलर” बताते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एमबीबीएस बैच 2021 के इंटर्न छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा।

अंश, अंशिका तिवारी, अनुज्ञा गुप्ता, अनुज अग्रवाल, अनुज प्रताप सिंह, अनूप बर्नवाल, अनुपम प्रभाकर, अनुराग यादव, अरीबा परवीन और आरुषि गुप्ता ने नाटक के माध्यम से उच्च रक्तचाप के लक्षण, दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक ने उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. शिखर सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी वक्ताओं, अतिथियों, छात्रों और आयोजन में सहयोग करने वाले स्टाफ का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उजरियाव के स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। आयोजन को कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के फैकल्टी, रेजिडेंट्स, इंटर्न्स, मेडिकल सोशल वर्कर्स और अन्य स्टाफ के संयुक्त प्रयास से सफल बनाया गया।
