इंडियाज गॉट लेटेंट’ का हालिया एपिसोड सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शो में समय रैना और शैरन वर्मा के बीच हुई मजेदार बातचीत ने दर्शकों का ध्यान खींचा। दोनों ने एक-दूसरे के बैकग्राउंड को लेकर जमकर मजाक किया। हालांकि, बातचीत के दौरान कुछ कमेंट पर्सनल भी हो गए।
शैरन के बिहारी होने पर समय ने क्या कहा?
एपिसोड में समय रैना ने शैरन वर्मा के बिहारी बैकग्राउंड को लेकर मजाक किया। समय ने कहा कि शैरन इतनी बिहारी हैं कि उन्हें लगता है कि ‘इबोला’ का मतलब है कि किसी ने कुछ कहा है।
इसके जवाब में शैरन ने भी समय के कश्मीरी बैकग्राउंड पर तंज कसते हुए कहा कि समय इतने कश्मीरी हैं कि उन्हें ‘स्टोन’ होना पसंद है।इसके बाद समय ने मजाक को आगे बढ़ाते हुए कहा, “शैरन वर्मा एक बिहारी हैं, जो नौकरी की तलाश में मुंबई आई थीं।”
समय के इस कमेंट पर शैरन ने तुरंत पलटवार किया और कहा, “कम से कम मैंने अपना राज्य अपनी मर्जी से छोड़ा।”दोनों की इस नोकझोंक पर शो में मौजूद पैनल और दर्शक जमकर हंसे। सोशल मीडिया पर भी इस बातचीत की क्लिप वायरल हो रही है।
कौन हैं शैरन वर्मा?
शैरन वर्मा साल 2024 में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में नजर आने के बाद चर्चा में आई थीं। उनकी डेडपैन कॉमेडी यानी बिना ज्यादा चेहरे के भाव बदले मजाक करने की शैली को दर्शकों ने काफी पसंद किया।
शैरन का बिहार से जुड़ाव, उनका अनोखा नाम और खुद को ‘वीक इंडिपेंडेंट वुमन’ बताने का अंदाज भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। शो की कई क्लिप्स वायरल होने के बाद शैरन इंटरनेट पर जाना-पहचाना नाम बन गईं।
कश्मीरी पंडित परिवार से हैं समय रैना
समय रैना कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं। उनके परिवार को 1990 के दशक में कश्मीर से हुए कश्मीरी पंडितों के पलायन का सामना करना पड़ा था। समय कई मौकों पर अपने परिवार के इस अनुभव के बारे में बात कर चुके हैं।
अपने स्टैंड-अप स्पेशल ‘स्टिल अलाइव’ में भी उन्होंने कश्मीरी पंडितों के संघर्ष और विस्थापन का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि उनके परिवार ने उस दौर में कश्मीर छोड़ने का फैसला किया, जब वहां के हालात लगातार खराब हो रहे थे।
रातों-रात छोड़ना पड़ा था कश्मीर
समय रैना ने अपने परिवार के कश्मीर से विस्थापन के बारे में कई बार बात की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनकी मां कई साल बाद कश्मीर लौटी थीं। पुराने घर और बदले हुए हालात देखकर वह भावुक हो गई थीं।
समय के मुताबिक, उस दौर में कुछ परिवारों को धमकी भरे पत्र भी मिले थे। उन्होंने बताया था कि एक रात अचानक परिवार ने सामान बांधा और इस उम्मीद में कश्मीर छोड़ दिया कि कुछ हफ्तों बाद वापस लौट आएंगे। लेकिन हालात ऐसे बने कि परिवार दोबारा वहां नहीं लौट सका।
उन्होंने यह भी बताया था कि उस मुश्किल समय में कुछ स्थानीय कश्मीरी मुस्लिम उनके परिवार के साथ खड़े रहे। उनके दादा जरूरतमंद लोगों का इलाज करते थे और कुछ स्थानीय लोगों ने परिवार को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की थी।
कश्मीर छोड़ने के बाद उनका परिवार पहले जम्मू, फिर दिल्ली और आखिरकार हैदराबाद में जाकर बस गया। उस समय समय रैना की उम्र करीब 12 साल थी।
