इंटरनेट मीडिया पर इन दिनों “कॉकरोच” शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहा है और अब इसका इस्तेमाल रेलवे की अव्यवस्थाओं पर तंज कसने के लिए भी होने लगा है। रविवार को 07076 गोरखपुर-हैदराबाद स्पेशल ट्रेन करीब आठ घंटे की देरी से चली, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाराज एक यात्री ने रेलवे में शिकायत दर्ज कराते हुए लिखा कि “मेरी बूढ़ी मां समेत सभी यात्री काकरोच की तरह इधर-उधर भटक रहे हैं।”
रेलवे ने शिकायत के जवाब में यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताया, लेकिन यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों की लेटलतीफी अब आम समस्या बन चुकी है।
उधर, लखनऊ से चलने वाली 15070 ऐशबाग-गोरखपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में एसी चेयरकार कोचों की संख्या घटा दी गई है। पहले इस ट्रेन में पांच एसी चेयरकार बोगियां लगती थीं, लेकिन अब केवल तीन कोच लगाए जा रहे हैं। ऐसे में एडवांस रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को सीट और भीड़ की समस्या झेलनी पड़ रही है।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि ट्रेन में कम कोच लगाए गए हैं। इससे एसी बोगियों में भारी भीड़ हो गई और कई लोग परेशान होकर इधर-उधर भटकते नजर आए।
इसके अलावा ट्रेनों में आरक्षित कोचों में अनारक्षित यात्रियों के चढ़ने और एसी खराब रहने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। वैशाली एक्सप्रेस की एसी बोगी बी-1 में बिना टिकट और वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के कब्जे से रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं, गोरखपुर-गोमतीनगर इंटरसिटी में भी जनरल टिकट वाले यात्रियों द्वारा आरक्षित कोच में सफर करने की शिकायत दर्ज हुई। दूसरी ओर, 01416 गोरखपुर-हड़पसर स्पेशल 16 घंटे की देरी से पहुंची, जिससे कई यात्रियों के जरूरी काम प्रभावित हुए। एक यात्री ने बताया कि ट्रेन लेट होने की वजह से उसका इंटरव्यू तक छूट गया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कई स्पेशल ट्रेनें पहले से देरी से चल रही हैं, जिसका असर आगे की सेवाओं पर भी पड़ रहा है। यात्रियों ने रेलवे से समय पालन और बेहतर व्यवस्थाओं की मांग की है।
