लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की लखनऊ शिक्षक निर्वाचन सीट पर भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाई है। इस जीत के साथ उन्होंने एक बार फिर विधान परिषद में शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने का मौका हासिल किया। चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुशील कुमार को 3,652 मतों से हराया।
उमेश द्विवेदी की जीत को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उनके लंबे राजनीतिक सफर और शिक्षकों के बीच बने संपर्क के लिहाज से अहम माना जा रहा है। भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया था, जिस पर वह खरे उतरे।
2008 में मिली हार, 2014 में पहली बार बने MLC
उमेश द्विवेदी ने पहली बार वर्ष 2008 में लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव लड़ा था। हालांकि, उस समय उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने दोबारा चुनाव मैदान में उतरकर जीत दर्ज की और पहली बार विधान परिषद पहुंचे।
वर्ष 2019 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इसके बाद वर्ष 2020 के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे और फिर जीत हासिल की। इस जीत के साथ उन्होंने विधान परिषद में शिक्षकों का प्रतिनिधित्व जारी रखा।
तीसरी जीत के साथ कायम रखा राजनीतिक प्रभाव
उमेश द्विवेदी ने वर्ष 2020 के चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी डॉ. महेंद्र नाथ राय को हराया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उस चुनाव में उन्हें 765 वोट मिले थे और उन्होंने 3,247 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। हालांकि, इस आंकड़े में मतों की संख्या और जीत के अंतर का दोबारा सत्यापन किया जाना चाहिए।
वर्ष 2026 के चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन्हें लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। इस बार उनका मुकाबला समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुशील कुमार से था। चुनाव परिणाम में उमेश द्विवेदी ने 3,652 मतों से जीत दर्ज कर लगातार तीसरी बार विधान परिषद में पहुंचने का रास्ता साफ किया।
लालगंज में हुआ जन्म, शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान
उमेश द्विवेदी का जन्म उत्तर प्रदेश के लालगंज में हुआ। उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा महाविद्यालय, लालगंज से स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने शिक्षक के रूप में भी काम किया।
उन्होंने रायबरेली के ऊंचाहार में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की स्थापना की। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहने के कारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में उनकी सक्रियता रही है।
लखनऊ शिक्षक MLC सीट पर तीसरी बार जीत दर्ज करने के बाद उमेश द्विवेदी के सामने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में उठाने और उनके हितों का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी एक बार फिर होगी।
