रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने निवेश की रफ्तार तेज करने पर जोर दिया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में आए 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इसमें लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, शहरी विकास और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मजबूत कनेक्टिविटी, औद्योगिक ढांचे और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।

‘एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग तक निवेशकों को मिलेगा सहयोग’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत की है। इसी तरह उत्तर प्रदेश भी अपनी पुरानी ‘बीमारू’ छवि से बाहर निकलकर देश के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जीडीपी, वार्षिक बजट और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार का लक्ष्य केवल निवेश प्रस्तावों और समझौतों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर उत्पादन शुरू कराना है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि निवेशकों को समझौता ज्ञापन (एमओयू) से लेकर विनिर्माण और उत्पादन शुरू होने तक जरूरी सहयोग दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने फरवरी 2026 में अपनी सिंगापुर यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को सुरक्षा, स्थिरता और तेजी से काम पूरा करने का भरोसा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ बसाने का प्रस्ताव
बैठक में मुख्यमंत्री ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास सिंगापुर सिटी और हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की संभावनाएं रखीं। उन्होंने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के संगम और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ा यह क्षेत्र उत्तर भारत के बड़े सप्लाई चेन हब के रूप में विकसित हो सकता है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है और 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड्स को 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।

सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के निवेशकों के साथ छह प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की। इनमें मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के मोबाइल उत्पादन का करीब 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है। उन्होंने प्रदेश की कृषि क्षमता का उल्लेख करते हुए खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात के क्षेत्र में सिंगापुर की कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाएं भी बताईं।
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और बौद्ध सर्किट में विश्वस्तरीय होटल, कन्वेंशन सेंटर और आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ 2025 के आयोजन ने उत्तर प्रदेश की बड़े स्तर पर आयोजन और प्रबंधन क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। लखनऊ और नई टाउनशिप के नियोजित विकास में भी सिंगापुर की विशेषज्ञता का लाभ लिया जा सकता है।

775 करोड़ के पैकेजिंग हब से 1,880 रोजगार का दावा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-8डी में प्रस्तावित यूनिवर्सल पैकेजिंग हब के लिए पात्रता प्रमाणपत्र प्रदान किया। परियोजना के तहत 50 एकड़ भूमि पर 775 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत विनिर्माण इकाई स्थापित की जानी है।
इस परियोजना में सिंगापुर से प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी शामिल है। इससे 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई है।
इसके अलावा, एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ भी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी उत्तर प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट बनाने के लिए आधुनिक विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। इससे कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कचरा प्रबंधन परियोजनाओं में भी होगा निवेश
बैठक में ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं को लेकर भी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी नोएडा के सेक्टर-145 में लगभग 7.5 लाख टन पुराने कचरे के उपचार और सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन क्षमता वाला फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की योजना पर काम करेगी।
इन परियोजनाओं में 250 से 350 करोड़ रुपये तक के अनुमानित निवेश की बात कही गई है। इनके जरिए करीब 100 से 120 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

सिंगापुर के निवेशकों ने यूपी की नीतियों की सराहना की
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक पार्कों, निवेश नीतियों और कारोबार करने की सुविधाओं की सराहना की।
एसबीएफ-इंडिया बिजनेस कमेटी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए विकास से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वहीं, यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज के प्रबंध निदेशक प्रशांत मुखर्जी ने निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और सहयोग की सराहना की।
बैठक में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के सीईओ कोक पिंग सून, आईएचसीएल के एमडी एवं सीईओ पुनीत छतवाल और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
