रिपोर्ट: प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुधवार सुबह से ईद मिलादुन्नबी (बारावफात) का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मुरादाबाद समेत प्रदेश के कई शहरों में जुलूस निकाले गए। जुलूसों में लोग धार्मिक झंडों और तिरंगे के साथ शामिल हुए। कई स्थानों पर नात भी पढ़ी गई।
लखनऊ में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब
राजधानी लखनऊ में बारावफात के जुलूस के दौरान आपसी भाईचारे और सौहार्द की तस्वीर देखने को मिली। हिंदू समाज की ओर से पंडित कृष्ण चंद्र शुक्ल ने जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया।
उन्होंने मौलाना महमूदुल हसन समेत अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं को माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर पर्व की बधाई दी।
पंडित कृष्ण चंद्र शुक्ल ने बताया कि पिछले करीब 20 वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है और स्थानीय लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं।

वाराणसी में निकला बड़ा जुलूस
वाराणसी में मदहे सहाबा का बड़ा जुलूस निकाला गया। करीब पांच किलोमीटर लंबे इस जुलूस में प्रशासन और कमेटी के बीच सहमति के बाद वाहनों की संख्या कम रखी गई। निर्धारित 1,500 वाहनों के बजाय करीब 100 वाहन ही जुलूस में शामिल किए गए।
जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विदेशी पर्यटकों की भी मौजूदगी देखने को मिली।
बुलंदशहर में दिखे हैरतअंगेज करतब
बुलंदशहर में जुलूस के दौरान कलाकारों ने लट्ठबाजी और तलवारबाजी समेत कई करतब दिखाए। कलाकारों ने ब्लेड से बने घूमर के साथ प्रदर्शन किया। वहीं, एक कलाकार ने आंख पर लोहे की रॉड टिकाकर करतब दिखाया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बारावफात के जुलूस को लेकर प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। जुलूस मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।
जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए कई शहरों में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
