मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं। रविवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस रेडियो विभाग और संचार नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की गोपनीय सूचनाओं, लोकेशन और संचार सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव निगरानी के लिए सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे कानून व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तेज होगी। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों तक निर्बाध संचार व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक तकनीक अपनाने पर भी बल दिया गया।
सरकार 47 करोड़ रुपये की कार्ययोजना के तहत 12 जिलों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने जा रही है। इसके अलावा पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था, 5जी फिल्टर और दूरदराज थानों के लिए सेल्फ सपोर्टेड मास्ट लगाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
बैठक में विभागीय ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ और डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने का प्रस्ताव भी सामने आया।
सरकार ने यह भी बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में थानों के लिए बड़ी संख्या में संचार उपकरण खरीदे गए। इनमें फ्लैट बेस मास्ट, बैटरियां, बैकपैक सेट, केबल, चार्जर और एंटीना जैसे उपकरण शामिल हैं। आधुनिकीकरण योजना के तहत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए। खास बात यह रही कि रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरण खरीद में करीब 1.23 करोड़ रुपये की बचत हुई।
मुख्यमंत्री ने मानव संसाधन प्रबंधन को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस कर्मियों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अपडेट किया जाए और चरित्र पंजिका, अवकाश तथा सेवा संबंधी सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से संचालित किए जाएं। इसके साथ ही कर्मचारियों को नई तकनीक, कंप्यूटर प्रशिक्षण और संचार प्रणाली से जुड़ी आधुनिक जानकारी देने पर भी विशेष जोर दिया गया।
