न्यूज़ डेस्क, लखनऊ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। पिछले चार-पांच दिनों से लगातार बुखार की शिकायत के बाद मंगलवार सुबह उनके सैंपल किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की पैथोलॉजी में जांच के लिए भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर ही आइसोलेट किया गया है।
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी, स्वास्थ्य स्थिर
बुधवार सुबह KGMU की डॉक्टरों की टीम ने मंत्री के सरकारी आवास पर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने फिलहाल घर पर ही इलाज जारी रखने की सलाह दी है। KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, मंत्री की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और उनमें केवल हल्के लक्षण हैं। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
एहतियात के तौर पर मंत्री के परिवार के सदस्यों और निजी स्टाफ की भी सैंपलिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रदेश में बढ़ रहे H1N1 के मामले
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 27 अगस्त तक प्रदेश में H1N1 संक्रमित मरीजों की संख्या 551 थी, जो 1 सितंबर तक बढ़कर 685 हो गई। यानी महज चार दिनों में 134 नए मामले सामने आए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।
इटावा में भी दो नाबालिगों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें एक मरीज शहरी क्षेत्र और दूसरा ग्रामीण क्षेत्र का बताया गया है।
फिरोजाबाद और बदायूं में दो मरीजों की मौत
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच मंगलवार को फिरोजाबाद और बदायूं से दो मरीजों की मौत की खबर सामने आई। फिरोजाबाद में 69 वर्षीय एक व्यापारी की इलाज के दौरान मौत हुई, जबकि बदायूं के बिल्सी क्षेत्र में 73 वर्षीय महिला ने दम तोड़ दिया।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इन दोनों मामलों की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि मौत की मुख्य वजह H1N1 संक्रमण था या मरीज पहले से किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे।
विशेषज्ञों ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि H1N1 के मामले बढ़ने के बावजूद लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकांश मरीज सामान्य चिकित्सीय देखभाल और आवश्यक दवाओं से घर पर ही स्वस्थ हो रहे हैं। गंभीर स्थिति वाले मरीजों की संख्या कम है और बहुत कम मामलों में अस्पताल या ICU में भर्ती कराने की आवश्यकता पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सतर्क रहने और संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है।
