दुनियाभर में चिंता बढ़ा रहे हंता वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नई चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि एंडीज हंता वायरस इंसान के शरीर में कितने समय तक सक्रिय रहता है और संक्रमित व्यक्ति कितने समय तक दूसरों को संक्रमित कर सकता है, इस बारे में अभी पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। हाल ही में MV Hondius नामक क्रूज जहाज पर इस वायरस के फैलने से 11 लोग संक्रमित हुए थे, जबकि 3 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद WHO ने वायरस को लेकर विस्तृत जांच और अध्ययन शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार एंडीज हंता वायरस सामान्य हंता वायरस की तुलना में अधिक खतरनाक माना जा रहा है। यह वायरस केवल संक्रमित चूहों या दूषित हवा के जरिए ही नहीं, बल्कि इंसानों के शरीर के तरल पदार्थों से भी फैल सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि लार, मां का दूध और स्पर्म के माध्यम से संक्रमण फैलने की आशंका है। यही वजह है कि WHO इस वायरस को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
जानकारी के मुताबिक WHO इस वायरस पर कई अहम रिसर्च कर रहा है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नेचुरल हिस्ट्री स्टडी मानी जा रही है। इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि वायरस शरीर में कितने समय तक मौजूद रहता है और संक्रमित व्यक्ति कब तक दूसरों के लिए खतरा बना रह सकता है। इसके लिए क्वारंटाइन में रखे गए लोगों के नियमित सैंपल लिए जा रहे हैं। वैज्ञानिक खून, लार और अन्य जैविक नमूनों की जांच कर रहे हैं ताकि संक्रमण की अवधि और फैलने के तरीके को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
अप्रैल महीने में MV Hondius क्रूज जहाज पर संक्रमण के कई मामले सामने आने के बाद वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। जहाज पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों में वायरस फैलने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद कई देशों ने क्रूज यात्रियों की निगरानी बढ़ा दी है और संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
फिलहाल हंता वायरस के लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर संक्रमित मरीजों को सपोर्टिव ट्रीटमेंट दे रहे हैं, जिसमें ऑक्सीजन सपोर्ट, दर्द नियंत्रण और फेफड़ों की देखभाल शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आने वाली रिसर्च में यह साबित होता है कि वायरस लंबे समय तक संक्रामक बना रहता है, तो क्वारंटाइन की अवधि भी बढ़ाई जा सकती है।
WHO ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और संक्रमित व्यक्तियों के निकट संपर्क से बचने की अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पुरुषों को यौन संबंधों के दौरान सावधानी बरतने और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अतिरिक्त सतर्कता अपनाने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में जारी रिसर्च से वायरस के व्यवहार और संक्रमण अवधि को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
वैज्ञानिकों के लिए एंडीज हंता वायरस अब भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। WHO की नई रिसर्च से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इस वायरस को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा और संक्रमण रोकने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सकेगी।
