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सीएम योगी बोले- जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वालों में रावण की आत्मा

रिपोर्ट: गोरखपुर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वालों के अंदर रावण की आत्मा आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की एकता और मजबूती से परेशान ताकतें देश के बारे में दुष्प्रचार कर रही हैं।

मुख्यमंत्री मंगलवार शाम गोरखपुर के मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री रामलीला समिति, आर्यनगर की ओर से आयोजित प्रभु श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन से क्रिश्चियन लड़ रहे हैं, जबकि भारत सनातन की छाया में हर जाति, संप्रदाय, मत और मजहब को सुरक्षा देने के साथ बिना भेदभाव समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि देश के बारे में दुष्प्रचार करने वाली ताकतें भारत के भीतर भी मौजूद हैं और उन्हें विदेश से भी प्रायोजित किया जाता है।

 भारत कमजोर होता है तो सांस्कृतिक विरासत पर होता है हमला

सीएम योगी ने कहा कि जब समाज को बांटने वाली ताकतों की साजिशों से भारत कमजोर होता है, तब राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ जैसे धार्मिक स्थलों की गरिमा प्रभावित होती है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक आक्रमणों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की मजबूती उसकी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की रक्षा के लिए जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जब भारत मजबूत होता है, तब वह अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा को पुनः स्थापित करने में सक्षम होता है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि देश की मजबूती से ही सांस्कृतिक गौरव को नई पहचान मिलती है।

 रामभक्तों पर अत्याचार करने वालों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए उन लोगों पर निशाना साधा, जिन पर उन्होंने रामभक्तों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाने और अत्याचार करने के लिए जिम्मेदार थे, वे आज राम-राम का नाम ले रहे हैं।

सीएम योगी ने ऐसे लोगों की तुलना कालनेमि से करते हुए कहा कि जिस तरह कालनेमि राम का नाम लेकर भ्रमित करता था, उसी तरह आज के कालनेमियों को भी पहचानने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अयोध्या को लेकर भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

 ‘देश है तो धर्म है और धर्म से हम सब’

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश है तो धर्म है और धर्म से हम सब हैं। कोई व्यक्ति, समाज या जाति तब तक सुरक्षित नहीं है, जब तक भारत सुरक्षित नहीं है। उन्होंने सनातन परंपरा को भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि देश की मजबूती और सामाजिक एकता सभी के लिए जरूरी है

उन्होंने दुनिया में विभिन्न समुदायों और विचारधाराओं के बीच होने वाले संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की विशेषता यह है कि यहां विभिन्न जातियों, संप्रदायों, मतों और मजहबों के लोगों को सुरक्षा और विकास के अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय ऋषि परंपरा के मंत्र ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ का उल्लेख किया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विचार से जोड़ते हुए सामाजिक एकता और देश की समृद्धि पर जोर दिया।

विजयादशमी के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों, सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और समाज को बांटने वाली ताकतों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।

 

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