राजधानी के मोहान रोड स्थित शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में सोमवार को एफडी घोटाले से नाराज खाताधारकों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा। बैंक खुलते ही प्रदर्शनकारियों ने शटर बंद कर दिया और करीब ढाई घंटे तक जमकर नारेबाजी करते हुए धरना दिया।
प्रदर्शन कर रहे खाताधारकों का आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने एक सप्ताह के भीतर जमा

राशि लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद अधिकांश लोगों को उनका पैसा नहीं मिला। इसी से नाराज होकर लोग दोबारा विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे।
धरने के दौरान भीड़ और उमस के कारण छह महिला खाताधारकों—जानकी, गुड़िया, जयश्री, रुचि गौतम, रामादेवी और सुषमा—की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने पानी की छींटें मारकर उन्हें संभाला।
सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और बैंक शाखा प्रबंधक मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया, जबकि बैंक प्रबंधन ने भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और बैंक का कामकाज फिर से शुरू हो सका।

गौरतलब है कि कथित एफडी घोटाले में बैंक मित्र शिवा राव और उसके सहयोगी दीपक पर अधिक ब्याज का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की एफडी कराने का आरोप है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। खाताधारकों का कहना है कि जब तक उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
