केंद्र सरकार ने पहली बार सभी मंत्रालयों और विभागों का विस्तृत परफॉर्मेंस असेसमेंट किया है। इस मूल्यांकन में प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण मानकों को शामिल किया गया है, जिनमें फाइलों के निपटान में लगने वाला समय, जन शिकायतों का समाधान और कैबिनेट प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई जैसे बिंदु प्रमुख रहे।
इस परफॉर्मेंस असेसमेंट की रिपोर्ट कैबिनेट सेक्रेटरी टी.वी. सोमनाथन ने हाल ही में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पेश की। रिपोर्ट में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के स्कोर कार्ड भी शामिल किए गए, जिससे उनके कार्य प्रदर्शन की समीक्षा की जा सके। इसका उद्देश्य मंत्रालयों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाना बताया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इस मूल्यांकन में भले ही कई पैमानों पर स्कोरिंग की गई हो, लेकिन सभी मानकों को मिलाकर कोई ओवरऑल रैंकिंग जारी नहीं की गई है। सरकार का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना है कि फाइलों के निपटान में अनावश्यक देरी न हो और जनता से जुड़े मामलों का जल्द समाधान हो सके।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुधारों की गति को तेज करना जरूरी है। पीएम मोदी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
बैठक के बाद कुछ मंत्रालयों ने आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है, जबकि कई अन्य विभाग आने वाले दिनों में इसी तरह की बैठकें करने की तैयारी में हैं। कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों के निपटारे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर कामकाज में तेजी लाई जाए।
सरकार का मानना है कि इस तरह का परफॉर्मेंस असेसमेंट प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देगा और जनता तक सेवाओं की पहुंच और तेज व प्रभावी बनेगी।
