उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के आदेश के अनुसार मंगलवार 16 जून से सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त हो गया है और कक्षाओं का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में पहले ही सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए गए थे कि निर्धारित तिथि पर स्कूलों को खोला जाए और शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से शुरू कराई जाएं।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल तुरंत बहाल किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेश के अनुसार स्कूल खुलने से पहले सभी विद्यालयों में साफ-सफाई को प्राथमिकता दी गई है। कक्षाओं के कोनों, फर्नीचर, अलमारी के नीचे सहित पूरे परिसर की अच्छी तरह सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सके।
शिक्षकों की छुट्टी बढ़ाने की मांग
हालांकि स्कूलों के खुलने से पहले शिक्षकों के एक वर्ग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ाने की मांग की थी। शिक्षकों का कहना था कि कई शिक्षक इस समय जनगणना ड्यूटी में लगे हुए हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना कठिन हो रहा है। उनका तर्क था कि जब तक जनगणना कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक छुट्टियां बढ़ाई जानी चाहिए।
इसके बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार 16 जून से स्कूलों को हर हाल में खोला जाएगा और सभी जिलों को इसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों के लिए सख्त निर्देश जारी
बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से जारी आदेश में स्कूल संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि सभी विद्यालयों में शौचालयों की सफाई, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, बिजली की व्यवस्था और मिड डे मील के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित न की जाएं। ऐसे भवनों को स्पष्ट रूप से “निष्प्रयोज्य भवन” के रूप में चिन्हित किया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बच्चों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था
स्कूलों के पहले दिन बच्चों के स्वागत को लेकर भी विभाग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि बच्चों का रोली-टीका लगाकर स्वागत किया जाए और विद्यालयों में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए, ताकि बच्चे खुशी के साथ स्कूल लौटें।
साथ ही पहले दिन मिड डे मील में निर्धारित मेन्यू के अलावा बच्चों को मीठा भोजन देने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि स्कूल के पहले दिन को खास और सकारात्मक अनुभव बनाया जा सके।
पठन-पाठन पर जोर और निगरानी
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सभी छात्रों को पाठ्य पुस्तकें समय से उपलब्ध कराई जाएं और कक्षाओं का संचालन निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार किया जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर नियमित और व्यवस्थित रूप से शुरू हो।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल संचालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
