बारिश का मौसम आते ही लॉन्ग ड्राइव का आनंद बढ़ जाता है, लेकिन कार के शीशों पर जमने वाली धुंध (फॉग) कई बार परेशानी और खतरे का कारण बन जाती है। सामने की विंडस्क्रीन और साइड ग्लास धुंधले होने से विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान कार के बाहर का तापमान अपेक्षाकृत कम होता है, जबकि बंद कार के अंदर यात्रियों की सांसों और शरीर की गर्मी से नमी बढ़ जाती है। जब यह गर्म और नम हवा ठंडे शीशों से टकराती है तो कांच पर पानी की महीन बूंदें जम जाती हैं, जिसे फॉगिंग कहा जाता है।
30 सेकंड में धुंध हटाने की आसान ट्रिक
अक्सर लोग शीशे साफ करने के लिए कपड़े का इस्तेमाल करते हैं या बार-बार एसी ऑन-ऑफ करते हैं, लेकिन इसका सबसे आसान समाधान कार का हीटर है। इसके लिए कार का हीटर चालू करें और ब्लोअर की दिशा विंडस्क्रीन की ओर यानी डीफॉगर मोड पर सेट कर दें।
हीटर से निकलने वाली गर्म हवा शीशों पर जमी नमी को तेजी से सुखा देती है। इससे कुछ ही सेकंड में विंडस्क्रीन और साइड ग्लास साफ हो जाते हैं और सड़क साफ दिखाई देने लगती है। साथ ही कार के अंदर का तापमान भी आरामदायक बना रहता है।
फ्रेश एयर मोड का करें इस्तेमाल
बेहतर परिणाम के लिए हीटर चलाते समय एयर सर्कुलेशन को ‘फ्रेश एयर मोड’ पर रखें। इससे बाहर की अपेक्षाकृत सूखी हवा कार के अंदर आती है और अतिरिक्त नमी बाहर निकल जाती है। यदि रीसर्कुलेशन मोड चालू रहेगा तो अंदर की नमी बार-बार घूमती रहेगी, जिससे फॉग हटने में अधिक समय लग सकता है।
क्यों नहीं करना चाहिए कपड़े का इस्तेमाल?
कपड़े से शीशा साफ करने पर कांच पर दाग और निशान पड़ सकते हैं। रात में सामने से आने वाली गाड़ियों की हेडलाइट इन निशानों पर परावर्तित होकर विजिबिलिटी को और प्रभावित कर सकती है। इसलिए मानसून के दौरान डीफॉगर और हीटर का इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है।
बारिश में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए साफ विजिबिलिटी सबसे जरूरी है। ऐसे में यह आसान हीटर ट्रिक न केवल आपका समय बचाएगी बल्कि सड़क पर आपकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।
