लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस दुखद हादसे में 15 लोगों की जान गई है और ऐसे समय में राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह हादसा अखिलेश सरकार के समय हुए कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस भवन में हादसा हुआ, उसके प्लॉट आवंटन से लेकर निर्माण और नक्शा पास कराने तक की पूरी प्रक्रिया तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल में हुई थी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वर्ष 2016 में भवन को सील किया गया था और ध्वस्तीकरण का आदेश भी जारी हुआ था। लेकिन बाद में उसी सरकार के दौरान ध्वस्तीकरण का आदेश रद्द कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके दबाव में यह फैसला लिया गया था।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना की जानकारी मिलते ही अपने कार्यक्रम रद्द कर मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मामले में चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच में जो भी व्यक्ति या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अखिलेश सरकार पर उठाए सवाल
ब्रजेश पाठक ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1980 में आवंटित इस प्लॉट का वर्ष 2014 में आवासीय नक्शा पास किया गया था। वर्ष 2016 में अवैध निर्माण को लेकर मामला दर्ज हुआ और 10 मई 2016 को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया। हालांकि करीब दो महीने बाद 5 जुलाई 2016 को यह आदेश निरस्त कर दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार दिसंबर 2015 तक प्लॉट खाली था, जबकि फरवरी 2016 में निर्माण शुरू हुआ और जून 2016 तक इमारत तैयार हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य कराया गया और उस समय किसी अधिकारी की जवाबदेही तय नहीं की गई।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार घटना की निष्पक्ष जांच करा रही है और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
