उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में कभी सबसे बड़ी चुनौती रहे इंसेफलाइटिस पर लगभग 99 प्रतिशत तक नियंत्रण पा लिया गया है। वहीं डेंगू और मलेरिया के मामलों में भी कमी आई है, लेकिन इन बीमारियों पर पूरी तरह नियंत्रण के लिए आम जनता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

बुधवार को डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के एकेडमिक ब्लॉक से संचारी रोग नियंत्रण एवं जागरूकता अभियान का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष में तीन बार 13 विभागों के समन्वय से संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाती है।

इसके बावजूद यदि लोग अपने घर और आसपास साफ-सफाई नहीं रखेंगे तथा मच्छरों के पनपने की परिस्थितियों को समाप्त नहीं करेंगे, तो इन बीमारियों पर पूरी तरह अंकुश लगाना संभव नहीं होगा।
उन्होंने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने, भोजन से पहले साबुन से हाथ धोने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली भी संक्रामक बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि डेंगू में प्लेटलेट्स तेजी से गिर सकती हैं, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए बीमारी का इंतजार करने के बजाय मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोकना सबसे प्रभावी उपाय है। इससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और इंसेफलाइटिस जैसी बीमारियों की रोकथाम संभव है। उन्होंने इलाज के साथ-साथ बचाव और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने लोहिया संस्थान के एमबीबीएस प्रथम वर्ष और बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई, हॉस्टल और भोजन की व्यवस्था की जानकारी ली तथा अनुशासन और ईमानदारी से अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि माता-पिता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी लगन से मेहनत करना जरूरी है

उपमुख्यमंत्री ने संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह को छात्रों के भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही छात्रों के साथ बैठकर भोजन करेंगे
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण, सीएमओ डॉ. एन.बी. सिंह, लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
