उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक क्षमता निर्माण और सुशासन को नई मजबूती देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार, 3 जुलाई को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के अत्याधुनिक नए परिसर का लोकार्पण करेंगे। करीब ₹464 करोड़ की लागत से 22.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह परिसर प्रदेश की प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस और वैश्विक प्रशिक्षण मानकों से जोड़ने वाला प्रमुख संस्थान बनेगा।
यह नया परिसर आईएएस, पीसीएस, न्यायिक सेवा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण तथा नेतृत्व विकास का प्रमुख केंद्र होगा। यहां प्रशासनिक अधिकारियों को बदलती शासन व्यवस्था और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
75 वर्ष पुरानी प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था की शुरुआत वर्ष 1951 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल (ओटीएस) से हुई थी। पिछले सात दशकों में इस संस्थान ने हजारों प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। अब इस ऐतिहासिक व्यवस्था को आधुनिक संसाधनों, डिजिटल तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस कर नई पहचान दी गई है।
डिजिटल गवर्नेंस और नेतृत्व विकास पर रहेगा फोकस
नए परिसर में फाउंडेशन, इंडक्शन और मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अलावा नेतृत्व विकास, नीति क्रियान्वयन, डिजिटल गवर्नेंस, परियोजना प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, नवाचार और जनसेवा जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिकारियों की निर्णय क्षमता, कार्यकुशलता और जवाबदेही को और मजबूत बनाना है।
एक साथ 1,200 प्रशिक्षणार्थियों की होगी व्यवस्था
परिसर में एक समय में 300 आवासीय और 900 गैर-आवासीय, यानी कुल 1,200 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित की गई है। यहां 13 अत्याधुनिक प्रशिक्षण कक्ष, 300 सीटों का प्रेक्षागृह, दो बहुउद्देशीय हॉल, छात्रावास, डिजिटल लर्निंग सेंटर, डिजिटल स्टूडियो, डिजिटल लैब, आधुनिक पुस्तकालय, कॉन्फ्रेंस रूम, बोर्ड रूम, शोध सुविधाएं तथा क्रिकेट, बैडमिंटन और लॉन टेनिस जैसी खेल सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का बनेगा केंद्र
यह परिसर केवल प्रशिक्षण संस्थान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। मिशन कर्मयोगी के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के सतत क्षमता निर्माण तथा कौशल उन्नयन कार्यक्रमों को भी यहां नई गति मिलेगी।
सुशासन को मिलेगा मजबूत संस्थागत आधार
सरकार का मानना है कि आधुनिक प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था से नीति क्रियान्वयन, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को और मजबूती मिलेगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश में सुशासन को संस्थागत आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
“डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का नया परिसर राज्य में प्रशासनिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा देगा। आधुनिक संसाधनों और वैश्विक मानकों से युक्त यह संस्थान सुशासन, नवाचार और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध, दक्ष एवं संवेदनशील प्रशासनिक नेतृत्व तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
