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बस्ती मंडल में पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार, संत कबीर गैलरी से राम अवतरण कॉरिडोर तक 16 परियोजनाओं पर मंथन

उत्तर प्रदेश सरकार बस्ती मंडल को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। गुरुवार को पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बस्ती मंडल की प्रस्तावित और प्रगति पर चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की।

वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में पर्यटन विभाग की 16 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 13 करोड़ रुपये है। इनमें बस्ती की 7, संत कबीर नगर की 6 और सिद्धार्थनगर की 3 परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा संस्कृति विभाग की एक तथा धर्मार्थ कार्य विभाग की तीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

संत कबीर नगर में संत कबीर के ध्यान स्थल पर इंटरप्रिटेशन हॉल और गैलरी विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य संत कबीर के जीवन, दर्शन और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तरीके से आगंतुकों तक पहुंचाना है। साथ ही डांडी स्वामी तपस्थली, राम जानकी मंदिर और समया माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों के विकास का भी प्रस्ताव है।

बस्ती जिले में श्री नकटेश्वरनाथ महादेव मंदिर, शत्रुहंता हनुमान मंदिर, झारखंडेश्वरनाथ मंदिर और रामेश्वरनाथ शिव मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों के विकास की योजना पर चर्चा हुई।

धर्मार्थ कार्य विभाग ने मखौड़ा धाम के सौंदर्यीकरण और मखौड़ा धाम से अयोध्या धाम तक श्रीराम अवतरण कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस परियोजना से बस्ती को रामायण सर्किट में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

सिद्धार्थनगर में सती माता मंदिर, श्रीराम जानकी मंदिर और एक प्राचीन शिव मंदिर के विकास के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। साथ ही जिले के 25 मंदिरों और 34 कुओं के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की योजना पर भी चर्चा हुई।

संस्कृति विभाग ने संत कबीर नगर में 1971 भारत-पाक युद्ध के शहीदों की स्मृति में वॉर मेमोरियल बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देश के वीर सैनिकों के बलिदान की जानकारी मिल सके।

बैठक में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं का उद्देश्य किसी स्थल की मूल पहचान को सुरक्षित रखते हुए उसे बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित करना होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना में जनप्रतिनिधियों को समय-समय पर जानकारी दी जाए, गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे किए जाएं।

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