श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में इस बार कांवड़ सेवा शिविर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शिविरों में सात्विक भोजन, आधुनिक रसोई, स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाओं का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है, जो किसी भव्य विवाह समारोह से कम नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप प्रशासन भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

शिविरों में बिना प्याज-लहसुन के पारंपरिक व्यंजनों के साथ पास्ता, पिज्जा, नूडल्स, मोमोज और मंचूरियन जैसे आधुनिक व्यंजन भी परोसे जा रहे हैं।

सुबह के नाश्ते से लेकर रात के भोजन तक श्रद्धालुओं के लिए समयानुसार विस्तृत मेन्यू तैयार किया गया है। साथ ही लस्सी, छाछ, जूस, चाय, कॉफी और शीतल पेयजल की भी व्यवस्था की गई है।

 

कंकरखेड़ा व्यापार संघ के शिविर में ऑटोमैटिक आटा गूंधने और रोटी बनाने की मशीनों से प्रतिदिन हजारों रोटियां तैयार की जा रही हैं। वहीं, उपवास रखने वाले कांवड़ियों के लिए कुट्टू-सिंघाड़े के व्यंजन, फलाहार और केसर युक्त दूध की अलग व्यवस्था भी की गई है

इस बार कई भंडारों को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाया गया है। स्टील के बर्तनों के उपयोग के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। शिविर संचालकों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि शिवभक्तों की यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और यादगार बनाना है।