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PM मोदी का लाल किले से संबोधन: आत्मनिर्भर भारत, रोजगार और सुरक्षा पर रहा जोर

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने करीब 103 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, राष्ट्रीय सुरक्षा, रोजगार, किसानों, महिलाओं, युवाओं, तकनीक और विकसित भारत के लक्ष्य समेत कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।

ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के जवानों को सलाम किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद सेना को कार्रवाई की खुली छूट दी गई और जवानों ने दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। पीएम ने कहा कि भारत अब आतंकवाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को अलग-अलग नजर से नहीं देखेगा।

आत्मनिर्भरता पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का आधार आत्मनिर्भर भारत है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में मेड इन इंडिया की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता के कारण देश बिना किसी रुकावट के अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हुआ है। सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।

युवाओं और रोजगार के लिए बड़ी घोषणा

प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से लागू होने वाली इस योजना के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार की ओर से 15 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही गई। पीएम के अनुसार, योजना से करीब साढ़े तीन करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

किसानों और महिलाओं को लेकर भी बड़ी बातें

पीएम मोदी ने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए कृषि उत्पादन, एग्रो एक्सपोर्ट और किसानों से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत देश के 100 जिलों में किसानों को सशक्त बनाने की बात कही।

महिला शक्ति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाएं स्टार्टअप, स्पेस, खेल और सेना समेत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि दो करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

अगले 10 साल में राष्ट्रीय सुरक्षा कवच का लक्ष्य

पीएम मोदी ने बदलते युद्ध के तौर-तरीकों और तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2035 तक अस्पतालों, रेलवे और आस्था के केंद्रों समेत महत्वपूर्ण स्थलों को आधुनिक तकनीक से सुरक्षा कवच देने का लक्ष्य है। इसी क्रम में उन्होंने ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य दुश्मन के हमलों को निष्प्रभावी करने वाली आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना है।

घुसपैठ और डेमोग्राफी पर जताई चिंता

प्रधानमंत्री ने देश की डेमोग्राफी में बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए घुसपैठ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है। इसके लिए उन्होंने हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने की बात कही।

2047 तक विकसित भारत का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सभी नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने एकता, विरासत पर गर्व, आत्मनिर्भरता और देश के प्रति कर्तव्य को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। भाषण के समापन पर उन्होंने ‘जय हिंद’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों के साथ देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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