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लखनऊ: मौलाना इरफान हत्याकांड की साजिश में गिरफ्तार 3 आरोपी 24 घंटे में जेल से बाहर, माला पहनाकर हुआ स्वागत

रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला

लखनऊ। नदवा कॉलेज से जुड़े मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या की साजिश के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपी जेल भेजे जाने के महज 24 घंटे के भीतर जमानत पर बाहर आ गए। जेल से बाहर निकलने के बाद आरोपियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने इसका वीडियो बनवाया और काफिले के साथ अपने घर रवाना हो गए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस को आरोपियों की जमानत की जानकारी हुई।

हजरतगंज पुलिस ने 21 अगस्त को मौलाना इरफान अहमद की हत्या की साजिश का खुलासा करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी दी थी। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद फरहान सिद्दीकी, सोहेल अहमद सिद्दीकी और अमन कुरैशी शामिल थे। कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया था।

हालांकि, इसके अगले ही दिन तीनों को जमानत मिल गई और 23 अगस्त को वे जेल से बाहर आ गए। बाहर निकलते ही समर्थकों की ओर से उनका माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो बनवाया और काफिले के साथ घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि इस दौरान सोशल मीडिया पर रील भी पोस्ट की गई।

सोशल मीडिया वीडियो से पुलिस को मिली जानकारी

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के जेल से बाहर आने और स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस को जमानत की जानकारी हुई। पुलिस का कहना है कि जमानत दिए जाने से पहले केस डायरी या पुलिस की रिपोर्ट नहीं मांगी गई।

पुलिस के मुताबिक, अपना पक्ष रखने के लिए पुलिस को नोटिस भी नहीं दिया गया था। इसके अलावा बेल बॉन्ड के सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। एडीसीपी सेंट्रल जितेंद्र दुबे ने कहा कि जमानत कोर्ट का आदेश है और इस पर पुलिस की ओर से टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है।

ये दोनों शूटर सबसे पहले पकड़े गए थे।

24 घंटे में जेल से बाहर आए आरोपी

मामले में सामने आई टाइमलाइन के मुताबिक, 21 अगस्त को एसीजेएम-2 की अदालत ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। इसके अगले दिन यानी 22 अगस्त को सीजेएम के प्रभार में बैठी एसीजेएम-3 की अदालत ने अमन कुरैशी, सोहेल अहमद सिद्दीकी और फरहान सिद्दीकी को जमानत दे दी। 23 अगस्त को तीनों आरोपी जेल से बाहर आ गए।

बताया जा रहा है कि फरहान सिद्दीकी और सोहेल अहमद सिद्दीकी के खिलाफ लखनऊ के अलग-अलग थानों में 14 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में दोनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज बताए गए हैं।

चोरी की बाइक से कर रहे थे रेकी

पुलिस के मुताबिक, मामले का खुलासा 18 अगस्त को हुआ था। हजरतगंज पुलिस ने मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद जमीर को चोरी की पैशन प्लस बाइक के साथ पकड़ा था। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर एक व्यक्ति की हत्या के लिए दो लाख रुपये मिलने की बात बताई थी।

पुलिस के अनुसार, दोनों को पिस्टल दी गई थी और फोटो दिखाकर लक्ष्य की पहचान भी कराई गई थी। वारदात को अंजाम देने से पहले चोरी की बाइक से रेकी की जा रही थी।

अमन कुरैशी की गिरफ्तारी के बाद खुली कड़ी

शाहिद और जमीर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अमन कुरैशी की तलाश शुरू की। पुलिस की पांच टीमों ने सर्विलांस के जरिए 21 अगस्त की रात करीब 2:15 बजे अमन को लक्ष्मण मेला पार्क से गिरफ्तार किया।

पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, अमन ने बताया कि चौक निवासी अधिवक्ता सोहेल अहमद सिद्दीकी और फरहान सिद्दीकी ने मौलाना इरफान की हत्या के लिए युवकों की व्यवस्था करने को कहा था। कथित तौर पर उसे इरफान की तस्वीर भी दी गई थी और पहचान छिपाने के लिए अलग मोबाइल फोन व सिम इस्तेमाल करने को कहा गया था।

6 करोड़ की प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की साजिश का आरोप

पुलिस की जांच में सामने आया कि कथित हत्या की साजिश करीब 6 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के विवाद से जुड़ी थी। पुलिस के अनुसार, मदरसा जामिया अलनूर अल सलामिया के मैनेजर बिलाल हाशमी पर इरफान अहमद की हत्या की योजना बनाने का आरोप है।

पुलिस का दावा है कि हत्या के लिए दो शूटरों को दो लाख रुपये में तैयार किया गया था। वारदात से पहले रेकी की जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही है। आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, पांच कारतूस और चोरी की बाइक बरामद होने का भी दावा किया गया है।

फिलहाल तीन आरोपियों के जमानत पर बाहर आने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम और मामले की आगे की जांच में जुटी है।

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