रिपोर्ट — प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। जिला अदालत के पास नाले पर बनाए गए वकीलों के अवैध चैंबर और अन्य अतिक्रमण पर नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया है। नगर निगम के मुताबिक 30 अगस्त को हुई कार्रवाई के बाद अब तक 72 चैंबर समेत अन्य अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। खाली कराए गए स्थान पर अब अस्थायी स्ट्रीट पार्किंग बनाने की तैयारी है।
नगर निगम ने क्षेत्र में अन्य अतिक्रमणों को भी चिह्नित किया है। कई स्थानों पर लाल रंग से क्रॉस के निशान लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोबारा कब्जा न हो और इलाके में यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे, इसके लिए खाली कराई गई जमीन का इस्तेमाल पार्किंग के रूप में किया जाएगा।
निजी संस्था करेगी पार्किंग का संचालन
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि खाली कराए गए स्थल पर अस्थायी स्ट्रीट पार्किंग बनाई जाएगी। इसका संचालन निजी संस्था के माध्यम से कराया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य दोबारा अतिक्रमण रोकने के साथ जिला अदालत, कलेक्ट्रेट और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराना है।
दरअसल, जिला अदालत के आसपास जाम और वाहनों की पार्किंग लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है। ऐसे में नगर निगम की योजना से यातायात व्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है।
मई में भी हुई थी कार्रवाई
हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने 17 मई 2026 को पुलिस और पीएसी के साथ अवैध चैंबरों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उस दौरान कार्रवाई का वकीलों ने जमकर विरोध किया था। हंगामे और पथराव की स्थिति भी बनी थी। पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसमें एक सिपाही समेत तीन वकील घायल हुए थे।
मई की कार्रवाई के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 30 अगस्त को नगर निगम ने दोबारा बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए अवैध चैंबर और अन्य अतिक्रमण हटाए।
72 चैंबर हटाए गए
नगर निगम की कार्रवाई के बाद अब नाले के आसपास का क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि खाली कराई गई जगह पर पार्किंग विकसित होने से एक ओर दोबारा कब्जे की आशंका कम होगी, वहीं दूसरी ओर अदालत और कलेक्ट्रेट आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने की सुविधा मिल सकेगी।
