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श्मशान घाट के अभाव में बारिश के बीच छाता-त्रिपाल के सहारे हुआ अंतिम संस्कार

रिपोर्ट- अमित शुक्ला

ऐरवा कटरा। ऐरवा कटरा विकासखंड की ग्राम पंचायत सूरजपुर ऐरवा में श्मशान घाट की सुविधा न होने से ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। मंगलवार को एक ग्रामीण की मौत के बाद परिजनों को खुले स्थान पर बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ा।

ग्राम पंचायत सूरजपुर ऐरवा के मजरा नगला हरिराम निवासी रामऔतार जाटव का बीमारी के चलते निधन हो गया। गांव में श्मशान घाट की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए लोगों ने छाता और त्रिपाल का सहारा लिया।

ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण चिता की आग बार-बार बुझती रही। आग जलाए रखने के लिए डीजल का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान मृतक के परिजनों और ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

दो बार दिया प्रस्ताव, फिर भी नहीं बना श्मशान घाट

ग्राम प्रधान विजय कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत में श्मशान घाट के निर्माण के लिए दो बार लिखित प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) और विकासखंड ऐरवा कटरा में दिया जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। उनका कहना है कि श्मशान घाट न होने के कारण ग्रामीणों को हर बार अंतिम संस्कार के दौरान परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीण भोगीलाल दिवाकर, शिवपाल सिंह, अरविंद, गजेंद्र, रामवीर, सुधीर, महेश, प्रमोद समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द श्मशान घाट का निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार के लिए भी उचित स्थान उपलब्ध न होना गांव की बड़ी समस्या है। बारिश के मौसम में खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है।

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