रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। इसाबेला थोबर्न कॉलेज में मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को संस्थापक दिवस समारोह का आयोजन कॉलेज सभागार में किया गया। कार्यक्रम कॉलेज अध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) ई.एस. चार्ल्स के संरक्षण में आयोजित हुआ। समारोह में भारत में महिला शिक्षा की अग्रणी रहीं कॉलेज की संस्थापक सुश्री इसाबेला थोबर्न की विरासत और दूरदृष्टि को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत कार्यवाहक प्राचार्य, संकाय सदस्यों और छात्राओं द्वारा निशातगंज कब्रिस्तान पहुंचकर संस्थापक सुश्री इसाबेला थोबर्न तथा अन्य दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद कॉलेज सभागार में गायन समूह ने सुश्री थोबर्न के लोकप्रिय भजनों ‘मेक मी ए ब्लेसिंग’ और ‘कम, थाउ फाउंट ऑफ एवरी ब्लेसिंग’ की प्रस्तुति दी।

समारोह में कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. (मेजर) नीरजा मसीह, संकाय सदस्य, सम्मानित अतिथि, प्रख्यात पूर्व छात्राएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बी.एड. विभाग की ओर से प्रस्तुत नाटक रहा, जिसमें सुश्री इसाबेला थोबर्न के जीवन, संघर्ष और उल्लेखनीय यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
समारोह के दौरान पांच प्रतिष्ठित पूर्व छात्राओं को उनके पेशेवर योगदान और समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित पूर्व छात्राओं में डॉ. स्नेहलता टेवारसन, श्रीमती संध्या तिवारी रॉबर्ट्स, प्रो. फरज़ाना मेहंदी, डॉ. (मेजर) नीरजा मसीह और श्रीमती करुणा मसीह शामिल रहीं।

पूर्व छात्राओं ने कॉलेज में बिताए अपने अनुभव साझा करते हुए संस्थान को अपने व्यक्तित्व और करियर निर्माण में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने छात्राओं को कॉलेज के आदर्श वाक्य ‘हम देने के लिए पाते हैं’ को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कॉलेज से मिले ज्ञान, संस्कार और अवसरों को समाज के हित में वापस लौटाने का प्रयास करना चाहिए।

समारोह के समापन पर कॉलेज अध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) ई.एस. चार्ल्स ने प्रेरणादायी संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं को सुश्री इसाबेला थोबर्न के आदर्शों, मूल्यों और सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों, पूर्व छात्राओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
