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शारदीय नवरात्रि में कब और कैसे जलाएं अखंड ज्योति? जानें शुभ मुहूर्त, घी और सही दिशा

नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्रि को लेकर घरों और मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस दौरान कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाने का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौ दिनों तक अखंड दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं अखंड ज्योति जलाने का शुभ मुहूर्त, घी या तेल का चुनाव और दीपक रखने की सही दिशा।

अखंड ज्योति जलाने का शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन यानी 11 अक्टूबर को घटस्थापना के समय अखंड ज्योति जलाई जा सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक का समय बताया गया है। हालांकि, घटस्थापना और पूजा का सटीक मुहूर्त शहर तथा स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है।

परंपरा के अनुसार, कई परिवार कलश स्थापना के बाद मां दुर्गा के सामने अखंड ज्योति प्रज्वलित करते हैं। इस दौरान नौ दिनों तक दीपक जलते रहने की प्रार्थना की जाती है।

अखंड ज्योति में घी डालें या तेल?

अखंड ज्योति जलाने के लिए घी और तेल, दोनों का इस्तेमाल किया जाता है। धार्मिक परंपराओं में गाय के घी का दीपक जलाना विशेष शुभ माना जाता है। वहीं, कुछ परिवार अपनी परंपरा के अनुसार तिल के तेल या अन्य निर्धारित तेल का उपयोग करते हैं।

  • घी का दीपक: पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में इसे विशेष महत्व दिया जाता है।
  • तेल का दीपक: कई घरों में परंपरा के अनुसार तेल से अखंड ज्योति जलाई जाती है।
  • ध्यान रखें: दीपक में वही सामग्री इस्तेमाल करें जो आपकी पारिवारिक पूजा-पद्धति के अनुकूल हो।

किस दिशा में रखें अखंड ज्योति?

अखंड ज्योति रखने के लिए पूजा स्थल की स्वच्छता और सुरक्षित व्यवस्था का ध्यान रखना चाहिए। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक को पूजा स्थल पर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने रखा जाता है। दीपक की दिशा को लेकर अलग-अलग परंपराएं प्रचलित हैं, इसलिए अपने परिवार या पुरोहित की पूजा-विधि का पालन कर सकते हैं।

दीपक ऐसी जगह रखें जहां हवा से लौ बुझने का खतरा कम हो और आसपास ज्वलनशील सामान न हो।

नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाते समय रखें ये सावधानियां

अखंड ज्योति जलाने से पहले दीपक को मजबूत और अग्निरोधक आधार पर रखें। बाती और घी या तेल की पर्याप्त व्यवस्था करें, ताकि दीपक को सुरक्षित तरीके से जलाए रखा जा सके।

  • दीपक को पर्दों, कागज और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
  • दीपक को बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें।
  • दीपक की निगरानी की व्यवस्था करें और घी या तेल भरते समय सावधानी बरतें।
  • घर से बाहर जाते समय या सोते समय खुली लौ को बिना निगरानी न छोड़ें। जरूरत हो तो सुरक्षित दीपक-व्यवस्था अपनाएं।

अखंड ज्योति जलाने का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में दीपक को प्रकाश, आस्था और शुभता का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति जलाकर भक्त मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है और साधक को पूजा में एकाग्रता प्राप्त होती है।

नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाना धार्मिक आस्था और परंपरा का हिस्सा है। इसे श्रद्धा के साथ-साथ सुरक्षा का ध्यान रखते हुए प्रज्वलित करना चाहिए।

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