लखनऊ, 20 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मेरठ में क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ रिफाइनरी स्थापित करने की योजना बनाई गई है। मेरठ की डीप टेक स्टार्टअप सर्कुलॉजी क्लींटेक प्राइवेट लिमिटेड इस परियोजना में करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
इसके लिए कंपनी ने इन्वेस्ट यूपी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। परियोजना से लगभग 300 लोगों को प्रत्यक्ष और 1,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
पुरानी बैटरियों से निकाले जाएंगे महत्वपूर्ण खनिज
प्रस्तावित रिफाइनरी में इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों और पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से महत्वपूर्ण खनिजों को दोबारा प्राप्त किया जाएगा। इनमें लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे खनिज शामिल हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, हार्ड ड्राइव और इलेक्ट्रिक वाहनों की मोटरों में इस्तेमाल होने वाले पुराने स्थायी चुंबकों से नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम और टर्बियम जैसे रेयर अर्थ तत्व भी निकाले जाएंगे।
इन खनिजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में किया जाता है। ऐसे में रीसाइक्लिंग के जरिए इनकी घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन के अनुसार, प्रदेश में स्थानीय उद्यमियों और तकनीक आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। मेरठ में प्रस्तावित परियोजना भी स्थानीय स्टार्टअप को बड़े औद्योगिक निवेश से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
पूरी क्षमता पर हर साल 10,000 टन सामग्री का होगा प्रसंस्करण
कंपनी की योजना रिफाइनरी को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की है। पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद यहां हर साल 10,000 टन सामग्री का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। इससे पुरानी बैटरियों और उपकरणों में मौजूद उपयोगी खनिजों को दोबारा औद्योगिक उपयोग के लायक बनाने में मदद मिलेगी।
आयात पर निर्भरता घटाने पर जोर,
कोबाल्ट, निकेल और रेयर अर्थ तत्व आधुनिक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनकी आपूर्ति के लिए आयात पर निर्भरता कम करना भारत के सामने प्रमुख चुनौतियों में से एक है। इसी दिशा में केंद्र सरकार की राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल्स मिशन जैसी पहलों के तहत महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
ई-कचरे और इस्तेमाल हो चुकी बैटरियों से खनिजों की रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करने के लिए भी योजनाएं बनाई गई हैं। घरेलू स्तर पर रिफाइनिंग की क्षमता बढ़ने से उद्योगों को जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता में सहायता मिल सकती है।
यूपी स्टार्टअप मिशन से मिलेगा सहयोग
सर्कुलॉजी क्लींटेक प्राइवेट लिमिटेड डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त डीप टेक स्टार्टअप है, जो संसाधनों की रीसाइक्लिंग और दोबारा इस्तेमाल पर काम करती है। एमओयू के तहत राज्य सरकार परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करेगी। साथ ही, लागू नियमों के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ लेने में भी सहयोग किया जाएगा।
करीब 200 करोड़ रुपये की इस प्रस्तावित परियोजना से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही मेरठ में क्रिटिकल मिनरल रीसाइक्लिंग और रेयर अर्थ रिफाइनिंग जैसे उभरते औद्योगिक क्षेत्रों के विकास का रास्ता भी खुल सकता .
