रिपोर्ट: न्यूज़ डेस्क, लखनऊ
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर दौरे के दौरान बुधवार को जनसेवा, गौ सेवा और बच्चों के प्रति स्नेह की झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन कार्यक्रम में फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने गौ माता को अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाई और बच्चों के साथ आत्मीय समय बिताया।
जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं
गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने एक-एक कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को जरूरत के अनुसार संबंधित मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
गौ माता को अपने हाथों से खिलाई गुड़-रोटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान गौ सेवा का दृश्य भी देखने को मिला। उन्होंने गौ माता को अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाई। इस दौरान उनका सहज और आत्मीय अंदाज नजर आया। गौ सेवा मुख्यमंत्री की दिनचर्या और गोरखनाथ मंदिर से जुड़ी गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
बच्चों के साथ बिताया आत्मीय समय
जनता दर्शन सहित अन्य कार्यक्रमों के बीच मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ भी समय बिताया। उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इस दौरान एक बच्चे को गोद में लेकर अपने हाथों से खाना खिलाने का दृश्य भी सामने आया। मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति यह स्नेह लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
धार्मिक आयोजनों में भी हुए शामिल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 18 अक्टूबर से गोरखपुर दौरे पर हैं। नवरात्र और विजयादशमी के अवसर पर उन्होंने विभिन्न धार्मिक एवं पारंपरिक आयोजनों में भाग लिया। इस दौरान महानिशा पूजा, हवन-पूजन और कन्या पूजन जैसे कार्यक्रमों में शामिल हुए। विजयादशमी पर उन्होंने पारंपरिक शोभायात्रा की अगुवाई भी की।
मुख्यमंत्री के गोरखपुर दौरे के दौरान जनता की समस्याओं के समाधान, गौ सेवा, बच्चों के प्रति स्नेह और धार्मिक परंपराओं में सहभागिता की झलक देखने को मिली।
