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गर्लफ्रेंड बनाने में बुराई नहीं, शादी का वादा निभाएं युवा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को रिश्तों की जिम्मेदारी समझने और आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गर्लफ्रेंड बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अगर किसी से शादी का वादा किया है तो उसे निभाना भी जरूरी है। युवाओं को पहले इतनी आर्थिक क्षमता विकसित करनी चाहिए कि वे अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा सकें और इसके बाद शादी का फैसला करें।

राज्यपाल गुरुवार को लखनऊ स्थित महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह में 2,279 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में मिनी एक्सपो भी लगाया गया, जिसमें विद्यार्थियों के विभिन्न प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए।

कम उम्र में मां बनाकर छोड़ देना गलत

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि 13-14 साल की उम्र में किसी लड़की को बच्चे की मां बना देना और फिर उसे छोड़ देना बिल्कुल गलत है। ऐसी समस्याओं को दूर करने के लिए सरकारों ने काफी काम किया है, लेकिन समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने युवाओं से रिश्तों में गंभीरता बरतने और अपने फैसलों के परिणामों को समझने की अपील की।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को गलत गतिविधियों से दूर रहने और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समाज में धोखाधड़ी और दूसरी गलत गतिविधियों को रोकने के लिए अच्छे लोगों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है।

एआई और डेटा का इस्तेमाल कर आगे बढ़ें युवा

राज्यपाल ने युवाओं को आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा के माध्यम से कई नए अवसर तलाशे जा सकते हैं। युवाओं को इन तकनीकों का इस्तेमाल देश को आत्मनिर्भर बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में करना चाहिए।

उन्होंने रिसर्च और शैक्षणिक कार्यों में ईमानदारी बरतने पर भी जोर दिया। किसी दूसरे के काम को अपने नाम से प्रस्तुत करना या शोध में दूसरे की सामग्री का गलत इस्तेमाल करना अनुचित है। विद्यार्थियों को मौलिक विचारों और ईमानदार प्रयासों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

गरीब बच्चों को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण देने पर जोर

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं के ज्ञान और मेहनत का सही इस्तेमाल जरूरी है। गरीब परिवारों के बच्चों को केवल आर्थिक सहायता देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा सकें।

उन्होंने बताया कि राज्य के विश्वविद्यालयों को पांच-पांच गांवों से जोड़ने की पहल की गई है। इसके तहत विश्वविद्यालयों को गांवों में जाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और जरूरतमंद परिवारों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने और संसाधनों की कमी के कारण किसी भी बच्चे को पढ़ाई से वंचित न रहने देने पर जोर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर में दिखी विद्यार्थियों की तकनीकी कुशलता

राज्यपाल ने युवाओं की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया है। भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं को जरूरी संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में शिक्षा मंत्री रहते हुए बनाई गई एक यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने अभियान के दौरान डेटा जुटाने, उसका विश्लेषण करने और संबंधित लोगों तक जानकारी पहुंचाने में सहयोग किया था। यह विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान का उदाहरण है।

शिक्षा मंत्री बोले- शिक्षा से बेहतर होना चाहिए आचरण

समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के आचरण और व्यक्तित्व को बेहतर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और असहमति जताने का अधिकार है, लेकिन इसका अर्थ अमर्यादित भाषा या अराजकता नहीं होना चाहिए।

मंत्री ने विद्यार्थियों से संवैधानिक संस्थाओं, समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी समझने की अपील की। वहीं, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने, असफलताओं के बावजूद प्रयास जारी रखने और नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाले बनने के लिए भी प्रेरित किया।

कुलपति भानु प्रताप सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से 47 स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कुल 20 लाख रुपये की सीड फंडिंग भी मंजूर की गई है।

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