हमारे यहां शादी (Wedding) से पहले कुंडली मिलाना और गुण मिलाना बेहद जरूरी होता है. कुंडली न मिलने पर माना जाता है कि रिश्ते में दरार आ सकती है. शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन का फिजिकली फिट रहना बेहद जरूरी है, ताकि शादी के बाद किसी तरह की परेशानी न आए.
ऐसे में कपल को शादी से पहले कुछ मेडिकल टेस्ट (Medical Test) करवाने की सलाह दी जाती है. इनमें एक ब्लड टेस्ट भी होता है, जिसे करवाने में हिचकिचाना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे पूरी जिंदगी के हेल्थ फ्यूचर का पता लग जाता है.
शादी से पहले ब्लड टेस्ट क्यों जरूरी
शादी से पहले अपने होने वाले लाइफ पार्टनर के ब्लड ग्रुप पता होना चाहिए. आरएच ब्लड टाइप (RH Blood Type) की भी जानकारी देनी चाहिए. इन ब्लड ग्रुप्स के रिजल्ट के आधार पर आपको फ्यूचर में एक हेल्दी जिंदगी जीने और एक हेल्दी फैमिली पाने में हेल्प मिल सकती है.
ब्लड ग्रुप की जानकारी से भविष्य में गर्भधारण और बच्चे के हेल्दी लाइफ के लिए जरूरी है. क्योंकि, पैरेंट्स के ब्लड ग्रुप्स के आधार पर बच्चे के भविष्य में कई गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर पैरेंट्स में से किसी का ब्लड ग्रुप निगेटिव है तो डिलिवरी के वक्त बहुत ज्यादा ब्लड फ्लो जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
शादी से पहले करवाएं ये ब्लड टेस्ट
अगर पति-पत्नी का ब्लड ग्रुप कम्पैटिबल यानी अनुकूल न हो तो प्रेगनेंसी के समय प्रॉब्लम्स आ सकती है. इसलिए पार्टनर का Rh फैक्टर सेम होना जरूरी है. ऐसे में शादी से पहले ब्लड ग्रुप का कम्पैटिबिलिटी टेस्ट बेहद जरूरी होता है.
थैलेसीमिया ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं
अनुवांशिक कारणों से कुछ बीमारियां होती हैं. इनमें टाइप 1 डायबिटीज से लेकर थैलेसिमिया जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारियां हैं. थैलेसीमिया एक तरह का ब्लड डिसऑर्डर है, जिसका परमानेंट इलाज अब तक नहीं मिला है. ऐसे में जो लोग शादी के बंधन बंधने जा रहे हैं, उन्हें भविष्य में माता-पिता के तौर पर हेल्दी संतान के लिए ब्लड टेस्ट करवाने चाहिए.
- अगर आप शादी करने जा रहे हैं तो ऐसे में जीनोटाइप टेस्ट कराना बेहद जरूरी होता है.
- ऐसे में ब्लड ग्रुप का टेस्ट कराने के साथ ही साथ एचआईवी का भी टेस्ट कराना चाहिए.
- शादी से पहले हैपेटाइटिस बी और हैपेटाइटिस सी काटेस्ट कराना बेहद जरूरी होता है। इससे बीमारी बढ़ने की आशंका कम होती है.
