झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज (सोमवार, 8 जुलाई) कैबिनेट का विस्तार करने जा रहे हैं. नई कैबिनेट में नए चेहरे को मौका मिल सकता है.
सूत्रों ने बताया कि बसंत सोरेन, दीपक बीरुआ, हफीजुल हसन अंसारी, बेबी देवी, मिथिलेश ठाकुर, बैद्यनाथ राम को इसबार जेएमएम से मौका मिल सकता है. बैद्यनाथ राम को छोड़ बाकी सभी हेमंत और चंपई सोरेन सरकार में मंत्री थे.
कांग्रेस कोटे से कौन-कौन बनेंगे मंत्री?
कांग्रेस से रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता, दीपिका पांडे सिंह (बादल पत्रलेख की जगह), इरफान अंसारी (कथित टेंडर घोटाले में जेल में बंद आलमगीर आलम की जगह) मंत्री बन सकते हैं. हेमंत सोरेन और चंपई सोरेन सरकार में रामेश्वर उरांव और बन्ना गुप्ता मंत्री थे. RJD से सत्यानंद भोक्ता मंत्री बन सकते हैं.
हेमंत सोरेन ने हासिल किया बहुमत
हेमंत सोरेन ने आज ही विधानसभा में बहुमत हासिल किया है. वोटिंग के दौरान बीजेपी ने सदन से वॉकआउट किया. राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा में मनोनीत सदस्य जोसेफ गॉलस्टेन सहित कुल 45 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. बीजेपी के 24 और आजसू पार्टी के तीन विधायक हैं.
झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) शामिल हैं, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के एकमात्र विधायक उसे बाहर से समर्थन दे रहे हैं. जेएमएम के 27, कांग्रेस के 17 और आरजेडी के एक विधायक हैं.
जेएमएम के दो विधायक-नलिन सोरेन और जोबा माझी अब सांसद बन चुके हैं, जबकि जामा से विधायक सीता सोरेन ने बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया था. झामुमो ने दो और सदस्यों-बिशुनपुर से विधायक चमरा लिंडा और बोरियो से विधायक लोबिन हेम्ब्रोम को पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
बीजेपी की भी संख्या हुई कम
इसी तरह, विधानसभा में बीजेपी सदस्यों की संख्या घटकर 24 हो गई है, क्योंकि उसके दो विधायक-ढुलू महतो (बाघमारा) और मनीष जायसवाल (हजारीबाग) अब सांसद बन गए हैं. वहीं, पार्टी ने मांडू से विधायक जयप्रकाश भाई पटेल को कांग्रेस में शामिल होने के बाद निष्कासित कर दिया था. झारखंड में 81 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में 76 विधायक हैं.
