Homeउत्तर प्रदेशCEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, अभिजीत दिपके ने 48 घंटे...

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, अभिजीत दिपके ने 48 घंटे का दिया अल्टीमेटम

रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला

नई दिल्ली/मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। दिपके ने कहा है कि यदि ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनकी पार्टी 2 अक्टूबर से मुंबई में देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। यह घोषणा उन्होंने 25 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की।

दिपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कई आरोप लगाए हैं। उनके बयान के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत मुंबई से होगी और इसके बाद इसे देश के अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने गांधी जयंती के मौके पर लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की है।

CJP ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

CJP की ओर से चुनाव आयोग को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। पार्टी ने उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग भी की है।

दूसरी मांग के तहत CJP ने आगामी चुनावों पर रोक लगाने, 2024 की मतदाता सूची बहाल करने और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया रोकने की मांग की है।

तीसरी मांग में पार्टी ने 2023 में बनाए गए उस कानूनी प्रावधान को वापस लेने की मांग की है, जिसके तहत चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों के संबंध में कानूनी संरक्षण दिया गया है। CJP ने चुनाव कानून में बदलाव कर सिविल सोसाइटी को भी शामिल करने की मांग रखी है।

चुनाव आयोग के भीतर 14 आपत्तियों की रिपोर्ट

यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद भी चर्चा में है, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराईं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, Form 6 में बदलाव, मतदाता संबंधी अपीलों और चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर तक पहुंच जैसे मुद्दों से जुड़ी थीं।

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ आपत्तियों में दोनों चुनाव आयुक्तों ने कहा था कि संबंधित फैसले उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना जारी किए गए। एक दिन में चार आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

चुनाव आयोग ने रिपोर्ट पर दी अलग सफाई

वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि SIR समेत आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि आंतरिक स्तर पर टिप्पणियां या मतभेद होना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

इस तरह CJP की ओर से लगाए गए आरोप और चुनाव आयोग की ओर से दी गई सफाई दोनों अलग-अलग हैं। फिलहाल अभिजीत दिपके ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।

RELATED ARTICLES

Most Popular