डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्रों पर छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टैबलेट सिस्टम का इस्तेमाल करेगा। इससे फर्जी परीक्षार्थियों पर रोक लगेगी और परीक्षा प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा।
नोएडा की घटना के बाद लिया गया फैसला
हाल ही में नोएडा के एक परीक्षा केंद्र पर क्रेडेंशियल के दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा प्रक्रिया में एआई तकनीक शामिल करने का निर्णय लिया। फिलहाल इसकी शुरुआत विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (CAS) में एमटेक द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा से की गई है।
एआई से होगी पहचान और उपस्थिति
AKTU के कुलपति Prof. J. P. Pandey ने बताया कि परीक्षा कक्ष में विद्यार्थियों की उपस्थिति टैबलेट के माध्यम से दर्ज की जा रही है। टैबलेट में पहले से ही विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र का पूरा डेटा अपलोड रहेगा। जैसे ही उपस्थिति दर्ज होगी, एआई टूल छात्र की जानकारी का मिलान कर सत्यापन करेगा।
उन्होंने कहा कि इस तकनीक से किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा परीक्षा देने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। यदि छात्र की फोटो या अन्य जानकारी मेल नहीं खाती है, तो इसकी सूचना तत्काल कक्ष निरीक्षक को मिल जाएगी।
बिना एडमिट कार्ड भी दे सकेंगे परीक्षा
नई व्यवस्था का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि यदि कोई छात्र गलती से अपना प्रवेश पत्र घर पर भूल जाता है, तब भी उसे परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। टैबलेट में उपलब्ध डेटा के आधार पर उसकी पहचान सत्यापित कर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जा सकेगी।
साथ ही, छात्रों की उपस्थिति का डेटा रियल टाइम में विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंच जाएगा, जिससे परीक्षा की निगरानी और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
एमटेक से शुरुआत, जल्द बीटेक में भी लागू होगी व्यवस्था
कुलपति ने बताया कि फिलहाल यह व्यवस्था एमटेक परीक्षा में परीक्षण के तौर पर लागू की गई है। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो इसे बीटेक समेत विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाओं में लागू किया जाएगा।
कॉपियों के पन्ने भी होंगे कम
विश्वविद्यालय के एसोसिएट डीन इनोवेशन Dr. Anuj Kumar Sharma ने बताया कि राज्यपाल Anandiben Patel के निर्देश पर उत्तर पुस्तिकाओं के पन्नों की संख्या कम करने की पायलट परियोजना भी शुरू की गई है।
एमटेक परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं के पन्ने 32 से घटाकर 24 कर दिए गए हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर 8 पृष्ठों की सप्लीमेंट्री कॉपी दी जा रही है। भविष्य में इसे और कम करने की योजना है।
टैबलेट पर परीक्षा देने की तैयारी
विश्वविद्यालय भविष्य में पूरी तरह डिजिटल परीक्षा प्रणाली की दिशा में भी काम कर रहा है। डॉ. शर्मा के अनुसार, आने वाले समय में छात्रों की परीक्षाएं सीधे टैबलेट पर कराने का ट्रायल भी शुरू किया जाएगा।
