रिपोर्ट -अंकित पाण्डेय
चित्रकूट। बुंदेलखंड के प्रमुख धार्मिक स्थल चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी उफान पर है और रामघाट समेत निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चित्रकूट मंडल के कमिश्नर अजीत कुमार और DIG राजेश एस ने आज जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के साथ रामघाट का दौरा किया।
अधिकारियों ने लिया जायजा:
कमिश्नर अजीत कुमार और DIG राजेश एस दोपहर बाद रामघाट पहुंचे। उन्होंने नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और घाट किनारे बसे लोगों से बातचीत की। DM पुलकित गर्ग ने उन्हें बताया कि प्रशासन ने पहले ही निचले इलाकों को खाली कराना शुरू कर दिया था। SP अरुण कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था और गोताखोरों की तैनाती के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए घाटों पर पुलिस बल तैनात रहे और लोगों को नदी के करीब जाने से रोका जाए।
NDRF और बचाव दल अलर्ट पर:
जिला प्रशासन के निर्देशन में राहत एवं बचाव कार्य लगातार संचालित किया जा रहा है। NDRF टीम को मौके पर बुला लिया गया है। इसके अलावा जल पुलिस, गोताखोर और राजस्व टीम को भी सक्रिय रखा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा अस्थायी राहत शिविर भी बनाए गए हैं जहां भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है।
लाउडस्पीकर से हो रही अपील:
प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से अपील कर रहा है कि वे सतर्कता बरतें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। नदी किनारे बसे लोगों को अपना सामान समेटकर ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है। पुलिस की टीमें गली-गली जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं।
प्रशासन की नजर:
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि मंदाकिनी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हर घंटे जलस्तर की रिपोर्ट ली जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि जलस्तर और बढ़ता है तो और अधिक गांवों को खाली कराया जाएगा। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
