राजधानी में बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान बुधवार शाम लखनऊ विद्युत आपूर्ति प्रशासन (लेसा) की दो अलग-अलग टीमों पर जानलेवा हमला किया गया। दोनों घटनाओं में विभागीय कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। एक मामले में जूनियर इंजीनियर (जेई) और संविदाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
पहली घटना जानकीपुरम जोन के नहर रोड इलाके की है। यहां जेई अशोक कुमार और राधेश्याम यादव अपनी टीम के साथ अजय दीक्षित के परिसर में बिजली चोरी की सूचना पर जांच करने पहुंचे थे। आरोप है कि जांच शुरू होते ही अजय दीक्षित और उसके साथियों ने टीम को घेर लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने जेई अशोक कुमार की पिटाई शुरू कर दी। आरोप है कि उन्हें घसीटकर परिसर के अंदर ले जाया गया और बेलचे से हमला किया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। हमलावरों ने परिसर में मौजूद पालतू कुत्तों को भी टीम पर छोड़ दिया, जिसने जेई को कई जगह काट लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मारपीट साफ दिखाई दे रही है।
आरोपियों ने विभागीय कर्मचारियों का मोबाइल फोन भी छीन लिया। किसी तरह टीम वहां से जान बचाकर निकली और जानकीपुरम थाना में कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। देर रात तक पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी रही।
दूसरी घटना चौपटिया स्थित तंबाकू मंडी में हुई। यहां एसडीओ जितेंद्र गुर्जर और जेई खुर्शीद अनवर के नेतृत्व में बिजली विभाग की टीम चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान कर्मचारियों ने खंभों से अवैध कटिया हटाना शुरू किया तो जलील अहमद और अब्दुल खालिक समेत 30-40 लोगों की भीड़ ने टीम पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने विभागीय फाइलें छीनकर फाड़ दीं और संविदाकर्मी संतोष यादव को घसीटकर लात-घूसों और धारदार हथियार से पीटा। मामले में अभियंताओं ने सआदतगंज थाना में नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
