रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
नेशनल स्पोर्ट्स डे के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देशभर के युवा एथलीटों को संबोधित किया। उन्होंने ‘जो खेले, वो खिले’ का संदेश देते हुए महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम न केवल खिलाड़ियों का भविष्य बेहतर बना सकता है, बल्कि देश की तस्वीर बदलने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन भारत माता के महान सपूतों में से एक मेजर ध्यानचंद को याद करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि करीब सौ साल पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी, जिसमें ध्यानचंद भी शामिल थे। इस दौरे ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘जो खेले, वो खिले’ का दिया संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने हमेशा ‘जो खेले, वो खिले’ का संदेश दिया है। खेलों में सफलता का मतलब केवल मैदान पर जीत हासिल करना नहीं है, बल्कि इससे व्यक्तित्व का विकास, परिवार की तरक्की और देश का सम्मान भी जुड़ा है। किसी खिलाड़ी की उपलब्धि से उसके परिवार के साथ-साथ उसके स्कूल और कॉलेज की पहचान भी बढ़ती है।
हर जिले में खेल प्रतिभाओं को तलाशने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के हर जिले में ग्लोबल स्पोर्ट्स मैप पर चमकने की क्षमता है। उन्होंने ओलंपिक से जुड़ी चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को अलग-अलग खेलों में अपनी संभावनाओं को पहचानने और उन्हें विकसित करने की जरूरत है।
उन्होंने सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत के पास लंबी तटरेखा और विशाल पहाड़ी क्षेत्र है। इसके अलावा देश में वॉटर स्पोर्ट्स से लेकर विंटर स्पोर्ट्स तक के लिए जरूरी भौगोलिक परिस्थितियां मौजूद हैं। ऐसे में अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेलों का इकोसिस्टम विकसित किया जाना चाहिए।
बच्चों की रुचि के साथ क्षमता पहचानने की जरूरत
पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि उनकी रुचि किस खेल में है। यह भी पहचानना जरूरी है कि बच्चा स्वाभाविक रूप से किस खेल के लिए उपयुक्त है। इसके आधार पर उसे प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर जरूरी मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने पर सरकार का जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार 21वीं सदी के भारत के लिए आधुनिक खेल इकोसिस्टम तैयार करने को लेकर प्रतिबद्ध है। देश में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उन्हें वैश्विक मंच तक पहुंचाने तक एक मजबूत व्यवस्था तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स साइंस, ट्रेनिंग और कोचिंग के क्षेत्र में जानकारी और अनुभव साझा करने के लिए दूसरे देशों के साथ सहयोग भी बढ़ाया जा रहा है।
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ को बताया अहम मंच
पीएम मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल खेलों पर चर्चा का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ऐसा मंच है जहां विचार देश के स्पोर्ट्स विजन को नई दिशा दे सकते हैं। वहीं, ‘यूथ डायलॉग’ युवाओं के विचारों और उम्मीदों को देश के बड़े सपनों से जोड़ने का अवसर देता है।
पीएम मोदी ने पैरा एथलीटों की सराहना की
प्रधानमंत्री ने पैरा एथलीटों की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पैरा एथलीट इस बात का बेहतरीन उदाहरण हैं कि खेल किस तरह किसी व्यक्ति और उसके परिवार की जिंदगी बदल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जब कोई दिव्यांग एथलीट संघर्षों के बावजूद सफलता हासिल करता है, तो इससे केवल उस खिलाड़ी का आत्मविश्वास नहीं बढ़ता, बल्कि उसके माता-पिता और भाई-बहनों के सपनों और संकल्प को भी नई ऊंचाई मिलती है।
