लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने CUET-UG 2026 परीक्षा में आई तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की प्रमुख प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं का संचालन लगातार अव्यवस्थित तरीके से हो रहा है, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
दरअसल, शनिवार को देश के कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं के कारण CUET-UG 2026 परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। कुछ केंद्रों पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जबकि कई स्थानों पर छात्रों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इस घटना के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा, “NEET, CBSE, SSC और अब CUET। चार परीक्षाएं, एक करोड़ से अधिक छात्र और एक भी परीक्षा ईमानदारी और सुचारू रूप से आयोजित नहीं हो सकी।” उन्होंने कहा कि सरकार विश्वगुरु बनने का दावा करती है, लेकिन देश की महत्वपूर्ण परीक्षाओं को व्यवस्थित ढंग से कराने में विफल साबित हो रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट का सामना कर रही है और इसकी सबसे बड़ी कीमत देश के युवा चुका रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर लग रहा है।
एनटीए ने स्वीकार की तकनीकी खामी
वहीं, National Testing Agency> (NTA) ने परीक्षा में हुई देरी के लिए अपने तकनीकी सहयोगी Tata Consultancy Services की प्रणाली में आई तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया है। एजेंसी के अनुसार समस्या को जल्द दूर कर लिया गया और प्रभावित छात्रों को अतिरिक्त समय भी दिया गया, ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न हो।
हालांकि, विभिन्न शहरों से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उनमें नाराजगी देखी गई।
केजरीवाल ने भी उठाए सवाल
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की मूल समस्याओं को दूर करने के बजाय दिखावटी उपायों पर अधिक ध्यान दे रही है।
केजरीवाल ने NEET परीक्षा के प्रश्नपत्रों के परिवहन में वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल ऐसे कदमों से पेपर लीक जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
