जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बार फिर बड़ी सौगात दी है। ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27’ के तहत इस वर्ष करीब 56 हजार बुजुर्गों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की निशुल्क यात्रा कराई जाएगी। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक वरिष्ठ नागरिक अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
राज्य सरकार के अनुसार आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से बुजुर्गों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। योजना के लिए आवेदन करने की अवधि 15 दिनों की रखी गई है, ताकि पात्र नागरिक बिना किसी परेशानी के अपना पंजीकरण करा सकें। सरकार ने कहा है कि आवेदन के लिए पर्याप्त समय दिया गया है, जिससे अंतिम समय में होने वाली भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके।
56 हजार बुजुर्गों को मिलेगा लाभ
राजस्थान सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत करीब 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को देश के विभिन्न प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। पूरी व्यवस्था देवस्थान विभाग की ओर से की जाएगी। यह योजना हर वर्ष संचालित की जाती है और बड़ी संख्या में बुजुर्ग इसका लाभ उठाते हैं।
सरकार का मानना है कि यह योजना सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन बुजुर्गों की आस्था और इच्छा पूरी होती है जो आर्थिक या अन्य कारणों से तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते।
ऐसे करें आवेदन
योजना के लिए आवेदन करने के इच्छुक वरिष्ठ नागरिक निम्न प्रक्रिया अपनाकर आवेदन कर सकते हैं—
- देवस्थान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- ई-मित्र या एसएसओ आईडी के माध्यम से लॉगिन करें।
- “Varishth Nagrik Tirth Yatra Yojana 2026” विकल्प का चयन करें।
- जन आधार नंबर दर्ज कर आवेदन फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन जमा करने के बाद आवेदन संख्या सुरक्षित रख लें।
किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए आवेदक कंट्रोल रूम नंबर 0294-2410330 पर संपर्क कर सकते हैं।
योजना का उद्देश्य
राज्य सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए उन्हें निशुल्क तीर्थ यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस बार भी कई प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों को योजना में शामिल किया गया है, जिसके कारण लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ई-मित्र केंद्रों की सहायता ली जा रही है, ताकि बुजुर्गों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
