प्रयागराज, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए केवल जवाहरलाल नेहरू ही जेल नहीं गए थे, बल्कि महाशय मसुरियादीन पासी ने भी जेल में रहकर स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मसुरियादीन ने 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में बिताए, लेकिन इतिहास में उनके योगदान को वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। देश और समाज के लिए संघर्ष करने वाले हर व्यक्ति को सम्मान मिलना चाहिए, विशेषकर उन लोगों को जिन्होंने वंचितों और दलितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
नेहरू के साथ संसद पहुंचे थे मसुरियादीन पासी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी ने अपना जीवन देश की आजादी और समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया। वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। स्वतंत्र भारत में 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए।
योगी ने कहा कि वर्ष 1952 में पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक ही सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। इसके बावजूद उनके योगदान को अपेक्षित पहचान नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को जीवंत रखना और उनके संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
जरायम पेशा कानून के खिलाफ उठाई आवाज
मुख्यमंत्री ने अंग्रेजी शासन के दौरान बनाए गए जरायम पेशा कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1871 में लागू इस कानून के तहत कई समुदायों को अपराधी श्रेणी में रखकर उनके साथ भेदभाव किया गया। पासी समाज सहित कई जातियां इससे प्रभावित हुईं।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई। उनके संघर्ष से वंचित समाजों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को मजबूती मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों के योगदान को समाज के सामने लाना आवश्यक है।
मसुरियादीन के नाम पर होगा चौराहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाशय मसुरियादीन पासी की स्मृति को स्थायी पहचान देने के लिए घोषणा की कि प्रतिमा वाले चौराहे का नाम उनके नाम पर रखने के लिए प्रस्ताव भेजा जाए। इसके साथ ही प्रयागराज की किसी प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखने की बात कही। मुख्यमंत्री ने महापौर गणेश केसरवानी से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
उन्होंने मसुरियादीन पासी की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान देश के इतिहास और उनके योगदान का सम्मान है।
महाराजा बिजली पासी और वीरांगना ऊदा देवी को भी किया याद
मुख्यमंत्री ने पासी समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए महाराजा बिजली पासी के किले के पुनरुद्धार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार लखनऊ स्थित किले के पुनरुद्धार के लिए धन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान को भी याद किया और बताया कि लखनऊ में गठित होने वाली महिला पीएसी बटालियन का नाम उनके नाम पर रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में योगदान देने वाले महापुरुषों और वीरांगनाओं को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
केशव मौर्य बोले- महापुरुषों को सम्मान दे रही सरकार
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महाशय मसुरियादीन पासी को महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताते हुए कहा कि उन्होंने चार बार लोकसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और गरीबों की समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार महापुरुषों को सम्मान देने के लिए कार्य कर रही है।
महाशय मसुरियादीन स्मारक समिति के मंत्री एवं उनके पौत्र सचिन कुमार ने भी जरायम पेशा कानून के खिलाफ उनके संघर्ष को याद किया और प्रतिमा स्थापना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी सहित कई जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और मसुरियादीन पासी के परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
