लखनऊ में रविवार को पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे NSUI कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झड़प हो गई। प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता बेहोश हो गया, जिसे उसके साथी तत्काल सिविल अस्पताल लेकर गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की लाठी सिर पर लगने से वह बेहोश हुआ, हालांकि पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

NSUI कार्यकर्ता राजभवन (जनभवन) का घेराव करने के लिए कांग्रेस कार्यालय से मार्च निकाल रहे थे। प्रशासन ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर चार स्तरीय बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।

प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से पहले ही प्रदेश के कई जिलों में संगठन के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया और उनके होटलों व आवासों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जाखड़ ने कहा कि सरकार पेपर लीक मामले में घिरी हुई है और छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

झड़प के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर बैरिकेड भी टूट गए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अभद्रता और बल प्रयोग के आरोप लगाए।

NSUI की मुख्य मांगों में पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई, NTA पर प्रतिबंध, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता शामिल है।